Top 15 Munshi Premchand Quotes in Hindi

Latest and Best Munshi Premchand Anmol Vachan Quotes in Hindi.

Munshi Premchand Quotes in Hindi

1.
विपत्ति से बढ़कर अनुभव सिखाने वाला कोई
विद्यालय आज तक नहीं खुला….  (मुंशी प्रेमचंद)

2.
नमस्कार करने वाला व्यक्ति विनम्रता को ग्रहण करता है
और समाज में सभी के प्रेम का पात्र बन जाता है… (मुंशी प्रेमचंद)

3.
स्वार्थ की माया अत्यन्त प्रबल है….!!! (मुंशी प्रेमचंद)

4.
कर्तव्य कभी आग और पानी की परवाह नहीं करता…
कर्तव्य-पालन में ही चित्त की शांति है…

5.
केवल बुद्धि के द्वारा ही मानव का मनुष्यत्व प्रकट होता है…!!!

6.
आदमी का सबसे बड़ा दुश्मन गरूर है…

7.
डरपोक प्राणियों में सत्य भी गूंगा हो
जाता है….

8.
सौभाग्य उन्हीं को प्राप्त होता है, जो अपने
कर्तव्य पथ पर अविचल रहते हैं….!!!

9.
दया मनुष्य का स्वाभाविक गुण है…!!!

10.
सफलता में दोषों को मिटाने की विलक्षण
शक्ति है….!!!

11.
चिंता रोग का मूल है…!!!

12.
जब हम अपनी भूल पर लज्जित होते हैं, तो यथार्थ
बात अपने आप ही मुंह से निकल पड़ती है….!!!

13.
चिंता एक काली दिवार की भांति चारों ओर से घेर
लेती है, जिसमें से निकलने की फिर कोई गली
नहीं सूझती…!!!

14.
उपहार और विरोध तो सुधारक के पुरस्कार हैं….!!!

15.
यश त्याग से मिलता है, धोखाधड़ी से
नहीं…!!!